अमेरिका और अन्य पश्चिमी शक्तियों का जल्दबाजी और हडबडी में अफगानिस्तान से पीछे हट जाना,  पूंजीवाद द्वारा समाज को कुछ न दे पाने व बढती बर्बरता की स्पष्ट अभिव्यक्ति के अलावा और कुछ नहीं. २०२१ की गर्मियों से पहले से ही परस्पर जुडी  घटनाओं  की तेजी यह प्रदर्शित करती है कि ग्रह पहले से ही आग की चपेट में है : संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर साइबेरिया तक गर्मी की लहरों और  बेकाबू आग का प्रकोप,बाढ़ और कोविद – १९ की महामारी की भयंकर तबाही के कारण चौपट हुई अर्थ व्यवस्था.यह सब “ विगत ३० सालों में हुई सड़ांध का रह्स्योद्घाटन है.(1) मार्क्सवादियों के रूप में हमारीd भूमिका, सिर्फ इस बढती हुई...
अप्रैल के प्रारंभ से ही कोविद-१९ने,  ग्रह के चारों कोनों में पैर पसार लिए हैं.  नवम्बर २०२० से महामारी ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हालत बेहद खराब कर रखे हैं . यदि यूरोप में स्थिति  स्थिर लगती है तो, दूसरी ओर प्रदूषण के विकराल रूप धारण कर लेने के कारण अमेरिका में महामारी उलटे पांव लौट आई है, तथा लैटिन अमरीका और भारतीय उपमहाद्वीप के लोग भीषण यातना झेल रहे हैं. चीन जैसे  देश  जिनका चीनी टीके से बृहद रूप में इलाज  किया जा रहा है, वे विशाल रूप से  संक्रमित हो रहे हैं.[1] स्थिति इतनी गम्भीर हैं कि चीन के अधिकारीयों के बीच तक टीके की कम “क्षमता “ की बात की जा रही है. विश्व स्तर पर कोविद अब तक लगभग...
समूचा विश्व जब कोविद १९ नामक दैत्य  से जूझ रहा था, तब हम आई सी सी के साथियों के ऊपर एक वज्रपात हुआ. २० मार्च २०२० को हमारे प्रिय साथी कामरेड किशन ने हमसे अंतिम विदाइ ली. कामरेड किशन के  यूं चले जाने से इंडियन सैक्शन को ही नहीं पूरी आई सी सी की भारी क्षति हुई है.  हमें  हमेशा  ही उनकी कमी खलेगी. कामरेड किशन ने आई सी सी को सुद्रढ़ बनाने में एक महत्वपूर्ण  योग्दान दिया है . वे अपने जीवन की अंतिम साँस तक उच्चतम  भावना के साथ लड़ाकू योद्धा बने रहे....