यूक्रेन- युद्ध के बारे में अंतर्राष्ट्रीय बामपंथी  कम्युनिस्ट समूहों  का संयुक्त  बयान ...
आई सी सी द्वारा प्रस्तुत यह एक अंतरराष्ट्रीय इस्तहार है जिसे कई भाषाओँ में तैयार किया जा रहा है. जो भी इस पर्चे से सहमत हैं , हम उन सभी को प्रोत्साहित करते हैं कि वे इसे ऑनलाइन या कागज पर वितरित करें (पीडीएफ संस्करण का लिंक ). ...
संलग्नीआकार hindi-leaflet.pdf198.94 किलोबाइट सभी देशों में, सभी क्षेत्रों में, मजदूर वर्ग अपने रहन-सहन और काम करने की स्थिति में असहनीय गिरावट का सामना कर रहा है। सभी सरकारें, चाहे दक्षिणपंथी हों या वामपंथी, पारंपरिक हों या लोकवादी, एक के बाद एक हमले कर रही हैं, क्योंकि विश्व आर्थिक संकट बद से बदतर होता जा रहा है। एक दमनकारी स्वास्थ्य संकट से उत्पन्न भय के बावजूद, मजदूर वर्ग प्रतिक्रिया देने लगा है। हाल के महीनों में, संयुक्त राज्य अमेरिका में, ईरान में, इटली में, कोरिया में, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में, संघर्ष छिड़ गए हैं। ये बड़े पैमाने पर आंदोलन नहीं हैं: हड़ताल और प्रदर्शन अभ...
अमेरिका और अन्य पश्चिमी शक्तियों का जल्दबाजी और हडबडी में अफगानिस्तान से पीछे हट जाना,  पूंजीवाद द्वारा समाज को कुछ न दे पाने व बढती बर्बरता की स्पष्ट अभिव्यक्ति के अलावा और कुछ नहीं. २०२१ की गर्मियों से पहले से ही परस्पर जुडी  घटनाओं  की तेजी यह प्रदर्शित करती है कि ग्रह पहले से ही आग की चपेट में है : संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर साइबेरिया तक गर्मी की लहरों और  बेकाबू आग का प्रकोप,बाढ़ और कोविद – १९ की महामारी की भयंकर तबाही के कारण चौपट हुई अर्थ व्यवस्था.यह सब “ विगत ३० सालों में हुई सड़ांध का रह्स्योद्घाटन है.(1) मार्क्सवादियों के रूप में हमारीd भूमिका, सिर्फ इस बढती हुई...
अप्रैल के प्रारंभ से ही कोविद-१९ने,  ग्रह के चारों कोनों में पैर पसार लिए हैं.  नवम्बर २०२० से महामारी ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हालत बेहद खराब कर रखे हैं . यदि यूरोप में स्थिति  स्थिर लगती है तो, दूसरी ओर प्रदूषण के विकराल रूप धारण कर लेने के कारण अमेरिका में महामारी उलटे पांव लौट आई है, तथा लैटिन अमरीका और भारतीय उपमहाद्वीप के लोग भीषण यातना झेल रहे हैं. चीन जैसे  देश  जिनका चीनी टीके से बृहद रूप में इलाज  किया जा रहा है, वे विशाल रूप से  संक्रमित हो रहे हैं.[1] स्थिति इतनी गम्भीर हैं कि चीन के अधिकारीयों के बीच तक टीके की कम “क्षमता “ की बात की जा रही है. विश्व स्तर पर कोविद अब तक लगभग...